Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana। युवाओं के लिये सुनहरा मौका! सरकार दे रही 5 लाख तक का लोन बिना किसी ब्याज और गारण्टी के

Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana उत्तर प्रदेश की एक महत्वाकांक्षी योजना है जिसके माध्यम से 21 वर्ष तक युवा बिना किसी ब्याज और गारण्टी के पहले चरण में 05 लाख तक का लोन ले सकते है।

Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana से लोन लेकर बहुत से युवा अपने सपनों को साकार कर रहें। तो आप भी इस योजना से लोन लेकर अपना उद्यम स्थापित कर सकते है। तो आज मैं इस लेख में इसी योजना के बारे में विस्तृत जानकारी आपको देने वाला हूं कि आप Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana में अपना आवेदन कैसे करना है और इसमें कौन कौन से दस्तावेज आपके पास होना चाहिए। तो चालिये जानते है, कि मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना क्या है और आप इस योजना का लाभ कैसे ले सकते है।

Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana के उद्देश्य और किस चरण में कितना लोन ले सकते है।

प्रदेश की लगभग 25 करोड़ की जनसंख्या मेे 56 प्रतिशत युवा है, जो प्रदेश के कार्यबल का निर्माण करते है। इस युवा प्रदेश के युवाओं को असीमित गति क्षतमा देने के लिये मा0 मुख्यमंत्री जी के विजन को साकार करने के लिये प्रदेश सरकार द्वारा अत्यंत महात्वाकांक्षी योजना Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana (सीएम-युवा) लागू की गई है।

Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana के तहत 10 वर्ष मे लगभग 10 लाख युवाओं को स्वरोजगार बनाना है। यानि प्रति वर्ष लगभग 01 लाख युवाओं को रोजगार देना इस योजना का मुख्य उद्देश्य है।

Mukhyamantri Yuva Udhyami Vikas Abhiyaan Yojana के तहत किस चरण मे कितना लोन

प्रथम चरण-

रू0 5.00 लाख तक की परियोजनाओं हेतु 04 वर्षो तक 100 प्रतिशत ब्याज मुक्त कोलेटरल गांरटी मुक्त ऋण।

सामान्य वर्ग के लाभार्थी को परियोजना लागत का 15 प्रतिशत, ओ०बी०सी० को 12.5 प्रतिशत, एस०सी०/एस०टी०/दिव्यांग को 10 प्रतिशत तथा अकांक्षात्मक जिलों-चित्रकूट, चन्दौली, फतेहपुर, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, श्रावस्ती एवं बहराइच के लाभार्थियों की 10 प्रतिशत स्वंय का अंशदान जमा करना होगा।

परियोजना लागत पर 10 प्रतिशत मार्जिन मनी अनुदान एवं 04 वर्षो तक सी०जी०टी०एम०एस०ई० प्रतिपूर्ति ।

परियोजना लागत में भूमि-भवन सम्मिलित नहीं होगा तथा कुल परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत टर्म लोन के रूप में होना अनिवार्य होगा।

द्वितीय चरण-

प्रथम चरण में लिये गये मूलधन/पेनल इंटरेस्ट की पूर्ण वापसी करने वाला अभ्यर्थी पात्र होगा।

रू0 10.00 लाख तक परियोजना स्थापित की जा सकेंगी, परन्तु रू0 7.5 लाख तक के ऋण पर 50 प्रतिशत ब्याज अनुदान 03 वर्षों तक दिया जायेगा।

ऋण में परियोजना लागत का न्यूनतम 10 प्रतिशत टर्म लोन होना अनिवार्य होगा तथा इसमें वर्कशॉप/वर्कशेड की लागत शामिल की जा सकेगी।

सी०जी०टी०एम०एस०ई० कवरेज 03 वर्षों तक।

योजना की मुख्य बाते

कौशल प्रशिक्षण प्राप्त 21-40 वर्ष के युवाओं को उत्पाद/सेवा सम्बन्धी उद्यम स्थापित कराकर स्वरोजगार से जोड़ना।

प्रतिवर्ष 01 लाख युवाओं को स्वरोजगार, 10 वर्षों में 10 लाख स्वरोजगार के अवसर सृजित करना।

पात्रता की शर्ते

आयु सीमा-21 से 40 वर्ष ।

शैक्षणिक योग्यता-न्यूनतम कक्षा-8 उत्तीर्ण, इण्टरमीडिएट अथवा समकक्ष को वरीयता।

विश्वकर्मा श्रम सम्मान योजना, ओ०डी०ओ०पी० प्रशिक्षण योजना, एस०सी०/एस०टी०/ओ०बी०सी० प्रशिक्षण योजना, उ०प्र० कौशल विकास मिशन के अन्तर्गत प्रशिक्षित अथवा किसी मान्यता प्राप्त शैक्षाणिक संस्थान से स्किल सम्बन्धी सर्टीफिकेट/डिग्री/डिप्लोमा आदि प्राप्त हो।

आवेदन प्रक्रिया

एम०एस०एम०ई० पोर्टल https//msme.up.gov.in पर ऑन-लाइन आवदेन ।

जिला उद्योग विकास एवं उद्यमिता प्रोत्साहन केन्द्र में ऑनलाइन प्राप्त आवेदनों का परीक्षणोपरान्त ऑनलाइन रूप से बैंको को प्रेशण ।

बैंको के स्तर पर प्राप्त आवेदनों पर समयबद्ध रूप से ऋण स्वीकृति/वितरण की व्यवस्था।

बैंको द्वारा ऑनलाइन रूप से मार्जिन मनी, ब्याज उपादान, सी०जी०टी०एम०एस०ई० प्रतिपूर्ति प्राप्त किये जाने की व्यवस्था ।

विविध

डिजिटल ट्रांजैक्शन के सापेक्ष रू0 01 प्रति ट्रांजैक्शन तथा अधिकतम रू0 2000 प्रतिवर्ष का अतिरिक्त अनुदान प्रति लाभार्थी देय होगा।

योजना में समस्त राष्ट्रीयकृत/शेड्यूल्ड/ग्रामीण बैंक तथा भारतीय रिज़र्व बैंक द्वारा अधिसूचित सभी वित्तीय संस्थाएं ऋण वितरण हेतु पात्र।

तम्बाकू उत्पाद, गुटखा पान मसाला अल्कोहल, वातयुक्त पेय पदार्थ कार्बोनेटेड उत्पाद, पटाखे, प्लास्टिक कैरी बैग (40 माइक्रॉन से कम) अथवा भारत/राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर प्रतिबंधित श्रेणी में रखे उत्पाद योजना में लाभहेतु पात्र नहीं होंगे।

योजना का क्रियान्वयन मिशन मोड में होगा। जिले स्तर पर जिला उद्योग एवं उद्यम प्रोत्साहन केन्द्र केन्द्रीय एजेन्सी के रूप में कार्य करेगा।

योजना का क्रियान्वयन मिशन मोड में होगा योजना का संचालन/अनुश्रवण इत्यादि जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित जिला कार्यक्रम प्रबन्धन इकाई मिशन निदेशक की अध्यक्षता में राज्य कार्यक्रम प्रबंधन इकाई, प्रमुख सचिव एम०एस०एम०ई० की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय कार्यकारी समिति एवं मुख्य सचिव की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय शासकीय समिति के माध्यम से किया जायेगा।

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